वक्फ साँसोधन कानून पर फैसला सुनाने से पहले CJI गवई को एक लंबी चौड़ी चिट्ठी थमा दी गई है चिट्ठी मे क्या कुछ लिखा है अभी आगे चर्चा करते है उससे पहले वक्फ साँसोधन कानून पर सुप्रीम कोर्ट का क्या रुख है CJI गवई की बात को सुनकर साफ साफ झलक रहा है अभी हाल ही में CJI गवई सत्ता के नशे में मगरूर सरकार का घमंड तोड़ दिया है जहां पर पगलगाम कांड पर पाकिस्तान पर की कार्यवाई को ये सरकार अपनी जीत बता रही है जगह जगह कटोरा लेकर वोट मांग रही है
वही पर CJI गवई ने इस जीत छरएए संविधान को बता दिया है जिससे साहब का वोट बैंक खराब हो रहा है . भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने शनिवार को कहा कि जब भी देश ने संकट का सामना किया है, तो वह एकजुट और मजबूत रहा है और इसका श्रेय संविधान को दिया जाना चाहिए। बस इतना ही कहते ही जैसे सांड को लाल कपड़ा दिखा जाए वो तिलमिला जाता है वैसे ही सरकार तिलमिला गई और यही तक नहीं CJI ने आगे भी कहा संसद को संविधान में संशोधन करने का अधिकार है लेकिन मूल ढांचे में बदलाव का नहीं जिससे सरकार को 440 वॉल्ट का तगड़ा झटका लग गया और वक्फ सासोंधान कानून पर सरकार धड़ाम से गिर गई वक्फ संपतियों पर टकटकी लगाए सरकार को CJI ने पहले ही बता दिया था की संसद नहीं बल्कि संविधान सर्वोच्च है और इसे कार्यपालिका नेयपालिक और संसद को मानना होई पड़ेगा इतना सुनते ही साहब चारों खाने चित्त हो गये ! वहीं पर बंगाल का चुनाव जीतने के लिए अमित शाह ने बंगाल के चुनाव को देश की सुरक्षा से जोड़ दिया जहां पर शाह ने कहा ! बंगाल का चुनाव देश की सुरक्षा से जुड़ा है’,
कोलकाता में सीएम ममता पर जमकर बरसे अमित शाह; कहा- केंद्र का फंड टीएमसी सिंडिकेट ने हड़प लिया एक तरफ जहां पर शहाब बिहार में महिलाओ को सिंदूर भेज कर वोट मांग रहे तो दूसरी अमित शहह बंगाल मे देश भक्ति के नाम पर ममता बनरेजी ने साफ साफ कह दिया था की सिंदूर भेजने का इतना ही शौक है तो अपनी श्रीमंती को भेज डे देश की महिलायें अपनी पति द्वारा दिए गए सिंदूर को लगाती है किसी मोदी शाह के द्वारा दिए गए नहीं …. वहीं पर बिहार का चुनाव जीतने के लिए साहब बलि मांग रहे है वो बाली चिराग पासवान के मंत्री पद की है अमर उजाला की रिपोर्ट है लिखा है क्या चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा देंगे? बिहार चुनाव से पहले समझें सभी नफा-नुकसान कहा ये जा रहा है की रामविलास पासवान के निधन से खाली हुई केंद्रीय मंत्री की कुर्सी चिराग पासवान को नसीब नहीं हुई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में राजग की जीत के बाद केंद्रीय मंत्री बने। तो, महज सालभर में कुर्सी से मोहभंग हो गया है? इससे ये साफ है की चिराग पासवान से कुर्सी छैन ली जाएगी …. वही मुंबई की वकीलों ने CJI गवाई को चिट्ठी भेजी है नव भारत टाइम्स की रिपोर्ट है लिखा है बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई

