ट्रंप सरकार ने इसराइल और ईरान के बीच हालिया तनाव में बेंजामिन नेतन्याहू को एक बड़ा झटका दिया है अमेरिका स्पष्ट कर चुका है कि वह इस संघर्ष में सीधे शामिल नहीं होगा |

प्रमुख बिन्दु :
1. ट्रंप ने इजरायल की हत्या की योजना को रोका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल द्वारा ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्लाह खान को मारने की कथित योजना को ठीक नहीं बताते हुए रोक दिया | उन्होंने कहा कि ईरान ने अब तक किसी अमेरिका को नहीं मारा है, इसीलिए राजनीतिक नेतृत्व को निशाना बनाना गलत होगा | अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल को स्पष्ट निर्देश दिया है, कि इस तरह के मामले से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है |

2. ट्रंप की आधिकारिक टिप्पणी ईरान इजरायल हमले में अमेरिका नहीं होगा शामिल
ट्रंप ने एबीसी न्यूज़ को बताया हम इस स्थिति में शामिल नहीं है, लेकिन संभव है कि भविष्य में शामिल हो जाएंगे उन्होंने रूस के पुतिन को मध्यस्थता के लिए संभावित साझेदारी बताया और कहा कि उन्होंने ईरान को 60 दिन का समय दिया था, ताकि वह नाभिकीय सौदे को स्वीकार कर सके |

3. ट्रंप की चेतावनी पूरी ताकत से लड़ेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका पर हमला होता है, तो वह ईरान पर पूरी ताकत और शक्ति का प्रयोग करेगा लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कोई सक्रिय भूमिका नहीं है, विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी कहा है कि इसराइल ने या हमला एक तरफ रूप से किया है और अमेरिका इसमें शामिल नहीं है लेकिन अमेरिकी सुरक्षा बलों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता होगी |

नेतन्याहू पर प्रभाव :
बेंजामिन नेतन्याहू अक्सर ट्रंप को अपनी योजनाओं के लिए समर्थन देने वाला नेता मानते रहे हैं, लेकिन इस बार वार्ड ट्रंप के रोकथाम का सामना कर रहे हैं जो इजरायल की सेन योजना को सीमित कर सकता है, उन्होंने आरोप लगाया है कि ईरान ट्रंप को दुश्मन नंबर एक मानता है और उसने उन्हें करने की योजना भी बनाई थी l
निष्कर्ष :
अमेरिकी नेता फिलहाल निष्पक्ष और कूटनीतिक रूप से संवेदनशील है-
ट्रंप प्रशासन स्पष्ट कर चुका है कि अमेरिका फिलहाल इजरायल ईरान युद्ध में शामिल नहीं होगा, उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू की कुछ आक्रामक योजनाओं को रोक कर एक निर्णायक रेखा खींची है, मध्य पूर्वी परमाणु समझौते और क्षेत्रीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए ट्रंप संभावित सहभागिता की गुंजाइश तो रखते हैं, लेकिन अभी तक सीधे संघर्ष में उतारने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है l