पाकिस्तानी विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि ईरान पर हमला और उसमें शासन परिवर्तन का संभावित खतरा पाकिस्तान की और फैल सकता है, खासकर रॉ (RAW) की गतिविधियों को मद्दे नजर रखते हुए | उनका कहना है कि पाकिस्तान को ईरान की विदेश नीतियों की गलतियों से सीखना चाहिए और अपनी सुरक्षा व रणनीतियों को और मजबूत बनाना होगा |
यह खबर इस बात पर आधारित है की एक पाकिस्तानी विशेषज्ञ ने दावा किया है कि यदि ईरान पर इजरायल हमला करता है, और वहां सरकार बदलती है तो अगला निशाना पाकिस्तान हो सकता है | खासकर भारत की खुफिया एजेंसी (RAW) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए |
पाकिस्तानी विशेषज्ञ का दावा
यह सिर्फ एक विशेषज्ञ की राय है और कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं, भारतीय सरकारी एजेंसियों या पाकिस्तान सैन्य \राजनयिक सूत्रों की ओर से ऐसा कोई पुष्टि भरा बयान अभी तक नहीं आया है | खास कर यह ध्यान देने योग्य बात है की पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सार्वजनिक तौर पर यह स्पष्ट किया है, कि देश की परमाणु नीति सिर्फ रक्षा पर आधारित है किसी तरह के आक्रामक इरादे के लिए नहीं |
इजरायल और ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान में डर का माहौल
इजरायल ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान ने अपनी सीमाओं को सख्त कर दिया है, और सीमा पर हमले को लेकर सतर्कता में वृद्धि की है, पाकिस्तान ने अब तक ईरान के साथ कोई नया सैन्य सहयोग नहीं किया है, गौरतलब है कि सीमा पर आतंकवाद के खात्मे में पहले से ही नियमित तालमेल था | इसराइल से जुड़े किसी भी परमाणु हमले की स्थिति में पाकिस्तान की तरफ से कोई आधिकारिक परमाणु धमकी या हमला करने का संकेत नहीं मिला है, सभी जो भी वर्तमान बयान आ रहे हैं, वे प्रतिक्रिया स्वरूप रक्षा की रणनीति और नीतिगत मजबूती के हैं |
निष्कर्ष
यह एक विशेषज्ञ की चेतावनी है ना की कोई निश्चित भविष्यवाणी – भले ही क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहे हो लेकिन पाकिस्तान की ओर से फिलहाल कोई आक्रामक हमले या प्रमाण कार्रवाई का संकेत नहीं आया है, इस स्थिति में पाकिस्तान को अपनी सुरक्षा तैयारी को मजबूत करना पड़ सकता है, परंतु यह कहना बहुत जल्दी होगा कि वास्तव में पाकिस्तान पर हमला होने वाला है |

