सार –
बिहार चुनाव से ठीक पहले एक बार फिर EVM का जिन्न जाग गया है ! पूरी काँग्रेस पार्टी चुनाव आयोग के पीछे लग गई है ! कहीं पर चुनाव में धांधली तो कहीं पर फर्जी मतदाता जोड़े जाने के गंभीर आरोप लगा रही है ! यहाँ तक की राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए CCTV फुटेज व विडियो की मांग रखी है ! इस पर चुनाव आEयोग ने क्या कहा है चलिए आगे समझते है !
1. EVM से किसको फायदा और किसको नुकशान !
हम सभी को पाता है कि EVM पर सवाल सभी पार्टीयां उठा चुकी है ! जब काँग्रेस की सरकार थी केंद्र में तो बीजेपी EVM का रोना रोती थी ! यहाँ तक की पीएम मोदी खुद EVM से चुनाव के खिलाफ थे! तब काँग्रेस EVM को सही ठहराती थी ! लेकिन आज इसका उल्टा है ! बीजेपी EVM को सही बता रही है और काँग्रेस EVM को गलत ! वो बात अलग है की बीजेपी की सरकार में EVM मशीनों में बाद बदलाव किया गया है ! जैसे VVPAT जोड़ने वाली बीजेपी है ! और भी कई तरीके के बदलाव किए है ! जो बीजेपी सरकार में हुआ है !
2. क्या बिहार चुनाव में EVM बैन हो जाएगी ?
यह कह पाना थोड़ा सा मुश्किल है … लेकिन नमुमुकिन भी नहीं है ! अगर काँग्रेस सुप्रीम कोर्ट में पूर्ण रूप से यह साबित कर दें की EVM से चुनावों में परिणाम बदलते है ! या फिर बैलैट पेपर की मांग पर अड़कर देशव्यापी आंदोलन या फिर मशीन से चुनाव का पूर्ण बहिष्कार कर दें जैसा की बांग्लादेश में हुआ था ! तब मशीन पर शायद रोक लग जाए !
3. कितनी बार सुप्रीम कोर्ट में EVM का मामला गया है ?
वैसे तो कई सालों से कई बार सुप्रीम कोर्ट में EVM का मामला गया है ! लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हमेशा मशीन को सही ठहराया ! लेकिन वो बात अलग है की सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ चुनाव आयोग को सुना ये बात यहाँ से उठती है जब लोकसभा चुनाव 2024 में सुप्रीम कोर्ट के कई वकीलों ने EVM के खिलाफ आंदोलन शुरू किया तब उन्होंने EVM मशीनों को हैक करने का दावा ठोका था ! वकीलों ने साफ-साफ कहा चुनाव आयोग हमको मशीन दें और हम हैक करके दिखा देंगे लेकिन चुनाव आयोग ने मशीनें नहीं दी जिसकी वजह से EVM की सत्यता पर लोगों को संदेह हुआ !
