हाल ही की रिपोर्ट्स के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान ने अमेरिका पर किसी भी रूप में हमला किया तो ‘यूएस आर्म्ड फोर्सेज’ उनकी पूरी ताकत और शक्ति के साथ पलटवार करेगी | ऐसे स्तर पर जो पहले कभी नहीं देखा गया, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि इजरायल द्वारा ईरान पर हाल में किया गया हवाई हमला अमेरिका की कोई कार्रवाई नहीं थी |

ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इजरायल ईरान संघर्ष में यूएस का कोई लेना देना नहीं है, अगर ईरान अमेरिका पर हमला करता है, तो जवाब भयंकर होगा | उन्होंने यह भी कहा है कि वह आसानी से इसराइल और ईरान के बीच एक समझौता करवा सकते हैं, जिससे यह खूनी संघर्ष समाप्त हो सके | इस तरह जैसा उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच किया था |
अंतरराष्ट्रीय मीडिया जैसे टाइम्स आफ इंडिया पोलिटिको और एबीपी लाइव आज ने इस बात की पुष्टि की है कि ट्रंप ने ईरान को तबाही की चेतावनी दी है | लेकिन साथ ही डिप्लोमेसी के रास्ते भी खोल रखे है, इस बीच ईरान भी सक्रिय हुआ है, उसने अमेरिकी बेसिस तथा इसराइल को निशाना बनाने की धमकी दी है – अगर अमेरिका या उसका कोई साथी जैसे (ब्रिटेन, फ्रांस) इसराइल को रोकेगा तो ईरान जवाबी कार्रवाई करेगा |

स्थिति का अवलोकन – ट्रंप की धमकी उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर ईरान ने अमेरिका पर हमला किया तो जवाब अद्वितीय होगा |
डिप्लोमेटिक संकेत – ट्रंप ने कहा कि वह समझौते में मध्यस्थता कर सकते हैं |
क्षेत्रीय तनाव – इजरायल ईरान संघर्ष जारी है जिसमें दोनों तरफ भारी नुकसान हुआ है जिसमें नागरिकों की जान भी शामिल है |
भारत प्रमुखता से सामने क्यों आया
ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान का उदाहरण देकर कहा कि एक तीसरा पक्ष मध्यस्थता करके बहुत जल्द संघर्ष रोक सकता है |
क्या होंगे नतीजे
अभी तक कोई वास्तविक सैन्य कार्रवाई नहीं हुई है लेकिन ट्रंप की यह धमकी डिटेरेंस के रूप में जाती है, जो यह संकेत देती है कि अमेरिका सक्रियता से योजना बना रहा है, साथ ही ट्रंप ने एक अंतिम अवसर की पेशकश करते हुए बातचीत के द्वार भी खुले रखे हैं |