बवासीर ( Piles ) के लक्षण के पहचान, अपनाए घरेलू रामबाण इलाज !

बवासीर से जुड़े मामले लगातार हमारे सामने आ रहे है, कई लोग खान पान को ही बवासीर की असली वजह मानते है? कुछ लोग इसे मल मार्ग में इन्फेक्शन की वजह मानते है, लेकिन क्या है बवासीर होने का मुख्य कारण, चलिए जानते है, इस खबर के जरिए-

1. बवासीर ( Piles ) कब और कैसे होता है- 

बवासीर तब होती है जब:

  1. कब्ज़ (Constipation) लंबे समय तक रहती है और मल त्याग में ज़ोर लगाना पड़ता है।

  2. डायरिया (Diarrhea) बार-बार होता है, जिससे गुदा क्षेत्र में दबाव बढ़ता है।

  3. गर्भावस्था के दौरान पेट पर दबाव पड़ता है।

  4. अधिक वजन (Obesity) होने से पेट और मलद्वार पर दबाव बनता है।

  5. लंबे समय तक खड़े या बैठे रहना, जैसे कि ड्राइवरों या ऑफिस वर्करों में होता है।

  6. कम फाइबर वाला भोजन खाने से मल कठोर होता है।

  7. परिवार में बवासीर की हिस्ट्री (अनुवांशिक कारण)।

  8. ज्यादा मिर्च-मसालेदार खाना और पानी की कमी।

बवासीर कैसे होती है?

गुदा के चारों ओर रक्त की नसें होती हैं। जब इन पर ज़्यादा दबाव पड़ता है तो ये सूज जाती हैं और उनमें सूजन, दर्द या खून आना शुरू हो सकता है।

बवासीर दो प्रकार की होती है:

  1. आंतरिक बवासीर (Internal Piles) – यह गुदा के अंदर होती है, और आमतौर पर दर्द नहीं होता लेकिन मल के साथ खून आ सकता है।

  2. बाहरी बवासीर (External Piles) – यह गुदा के बाहर होती है और इसमें तेज़ दर्द, जलन और सूजन हो सकती है।

बवासीर के लक्षण- 

  • मल त्याग के समय खून आना (खासकर बिना दर्द के)

  • गुदा में जलन या खुजली

  • गुदा के पास गांठ या सूजन

  • बैठने में तकलीफ

  • मल के बाद भी अधूरा महसूस होना

बवासीर से बचने के उपाय-

  • रोज़ाना 2-3 लीटर पानी पीएं

  • फाइबर युक्त भोजन लें (जैसे फल, सब्ज़ियाँ, दलिया, अंकुरित अनाज)

  • कब्ज़ से बचें

  • नियमित व्यायाम करें

  • मल त्याग में ज़्यादा ज़ोर न लगाएं

  • लंबे समय तक एक जगह न बैठें

  • टॉयलेट जाने की आदत को न रोकें

निष्कर्ष – 

अगर आपको लगे कि लक्षण गंभीर हैं या खून आना बंद नहीं हो रहा, तो किसी गैस्ट्रोएन्टरोलॉजिस्ट या जनरल सर्जन से संपर्क ज़रूर करें।

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